आज दिनांक 08.09.2021 को पुलिस कंट्रोल रूम में नवागत अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक महोदय श्री दिनेश चन्द्र सागर द्वारा पुलिस अधिकारियों एवं पत्रकारगणों की के साथ चर्चा की गई। जिसमें पुलिस अधीक्षक शहडोल श्री अवधेश कुमार गोस्वामी, पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री अखिल पटेल, अति. पुलिस अधीक्षक शहडोल श्री मुकेश कुमार वैश्य, समेत अन्य पुलिस अधिकारियों समेत पत्रकारबंधु उपस्थित रहे।
अति. पुलिस महानिदेशक महोदय द्वारा पत्रकार बंधुओं को संबोधित करते हुए जोन में अपनी पदस्थापना के साथ उनकी प्राथमिकताएं बताई। उनकी प्राथमिकता में प्रमुख रूप से संभाग में कानून और शांति व्यवस्था बनाना, आम नागरिकों के जान माल की सुरक्षा, ग्रामीण अंचलों में विवाद मुक्त एवं सौहार्दपूर्ण वातावारण विकसित करना, महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम, मानव दुर्व्यापार पर रोक आदि रहेंगी। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक व्यक्ति को मिले, इसे हेतु पुलिस प्रयासरत रहेगी। माफियाओं, संगठित अपराधियों, सूदखोरों और आर्थिक एवं संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम हेतु पुलिस का विशेष प्रयास रहेगा। शहडोल जोन के चारों जिलों में अपराधों की रोकथाम के लिए आमजनता और प्रेस की भागीदारी बढ़ाई जावेगी, ताकि पुलिस के प्रति जनता का विश्वास बढ़े। युवाओं और छात्र-छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने, खेल एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने हेतु भी पुलिस विशेष अभियान चलायेगी। सायबर क्राईम के प्रति जनजागरूकता अभियान, साइबर तंत्र को विकसित करना एवं यातायात के नियमों का कड़ाई से पालन सहित अन्य चीजों पर विशेष ध्यान देकर पूरे संभाग में काम किया जावेगा। पुलिस, प्रेस, राजस्व, वन विभाग एवं जनभागीदारी के सहयोग से संभाग में कानून एवं शांति बनाए रखने हेतु प्रयास किये जाएंगे। वैज्ञानिक आधार पर विवेचना के स्तर में सुधार लाया जावेगा जिससे न्यायालय में अपराधियों को उनके कृत्य के लिए सही सजा दिलायी जा सके।

श्री सागर 1992 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी हैं। मसूरी में ट्रेनिंग करने के बाद पहली पोस्टिंग बतौर एसडीओपी नीमच में ज्वाइन की। इसके बाद वे पुलिस अधीक्षक देवास, पुलिस अधीक्षक मंडला, आईजी बालाघाट, एडीजीपी टेक्निकल सर्विसेस, एडीजीपी आपदा प्रबंधन, एडीजीपी पीटीआरआई आदि महत्वपूर्ण पदो पर पदस्थ रहे।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक महोदय शहडोल जोन शहडोल श्री डी.सी.सागर ने प्रत्रकार बंधुओं से चर्चा के दौरान अपनी निम्न प्राथमिकताओं से अवगत कराया-

ऽ शहडोल के आम नागरिकों, बच्चों, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना प्राथमिकता होगी।
ऽ आत्मनिर्भर बनाने के क्रम में महिला सुरक्षा पर भी जोर होगा। महिलाओं एवं बच्चियों को जूडो कराटे, मार्शल आर्ट इत्यादि का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
ऽ जनता के जान-माल की सुरक्षा करना पुलिस की प्राथमिकता होगी।
ऽ सभी विभागो जैसे राजस्व, पुलिस, वन विभाग से अच्छा समन्वय रखकर शासन की योजनाओं का सीधा फायदा जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
ऽ शहडोल की जनता को सहृदय एवं संवेदनशील प्रशासन उपलब्ध कराना।
ऽ बच्चों में छुपी हुई खेल प्रतिभा को चिन्हित कर उजागर करना तथा सही प्रशिक्षण उपलब्ध कराना।
ऽ कर्मचारियों में शालीनता तथा दृढता हो इस हेतु समुचित उपाय करना।
ऽ आर्थिक अपराध जैसे सूदखोरी, चिटफंड, धोखाधड़ी संबंधी अपराधो पर तथा सिंडिकेट अपराधो पर लगाम कसना।
ऽ विशेषज्ञता पूर्ण विवेचना करते हुए आरोपी को माननीय न्यायालय से सजा दिलवाकर अंतिम अंजाम तक पहुंचाना।

श्री डीसी सागर पुलिस विभाग में सबसे फिट अफसर में आते हैं। पत्रकार साथियों द्वारा श्री सागर से स्वस्थ रहने के तरीके और फिटनेस का राज पूछने पर उन्होने बताया कि सिर्फ नैचुरल तरीके से एक्सरसाइज, रनिंग और सही डाइट लेने से गठीला शरीर और सही फिटनेस पा सकते हैं।

जिस इंसान को अपने शरीर से प्यार होता है वो अपने शरीर की केयर करता है। परफेक्ट फिटनेस का मतलब सिर्फ बॉडी बनाना नहीं, बल्कि फिट रहना है। प्रतिदिन सही डाईट, फास्ट फूड से दूर रहकर और प्राकृतिक खाद्य और पेय पदार्थ जैसे दूध, दही, पनीर, चने के आटे की रोटी, दाल और ग्रीन सलाद लेकर स्वस्थ शरीर पाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि अपने स्वास्थ्य का आंकलन करने के लिए सबसे बेहतर तरीका है आईने में स्वयं का आंकलन। उनके अनुसार आप स्वयं अपने आपको आईने में देखकर इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि आप फिट हैं या नहीं और इसी आधार पर अपने आप को स्वस्थ रखने एवं फिटनेस बनाने हेतु स्वयं को प्रोत्साहित कर सकते हैं। उन्होंने सभी को बेहतर डाईट अपनाने और प्रतिदिन व्यायाम करने की सलाह दी।
बच्चों को पढ़ाई के लिए करते हैं प्रेरित
वे जब चंबल और बालाघाट में पदस्थ थे, तब वे हमेशा गांव के लोगों से जाकर मिलते थे और उन्हें शासकीय योजनाआें और उनके फायदे के बारे में जानकारी देते थे। एडीजीपी सागर आज भी अपने सहकर्मियों के साथ बच्चों के विकास के लिए बात करते हैं, और उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित भी करते हैं। उन्होने खेल प्रतिभाओं को आगे लाने के लिये टैलेंट सर्च का आयोजन करने की भी बात कही। बच्चियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिये मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग देने की बात पर भी जोर दिया।

कोरोना काल के दौरान पुलिस के जवानों, स्वास्थ्य कार्यकताओं और पत्रकारों की भूमिका का उल्लेख करते हुए एडीजी श्री सागर ने कहा कि अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए हमने कई साथियों को शहीद होते हुए देखा है। कोरोना संक्रमण की विभीषिका के दौरान अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने वाले पुलिस कर्मचारियों को पुलिस मुख्यालय द्वारा कोरोना कर्मवीर योद्धा पदक भी दिया जा रहा है। उन्होंने पुलिसकर्मियों को अपने स्वास्थ्य एवं फिटनेस के प्रति ध्यान देने हेतु प्रोत्साहित किया।